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छात्रावासों की बदहाली पर छात्रों का प्रदर्शन
भोपाल। सरकारी छात्रावासों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सामने आया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और साफ-सफाई, पीने के पानी, भोजन, बेड और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शासन की ओर से छात्रावासों में गद्दे, तकिए और पलंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। गोविंदपुरा स्थित छात्रावास के छात्रों ने बताया कि कई बच्चों के पास पर्याप्त बेड तक नहीं हैं। कुछ छात्रों को घर से गद्दा लाकर रहना पड़ रहा है, जबकि कई कमरों में एक बेड पर दो छात्रों के सोने की शिकायत सामने आई।
गंदा पानी और सफाई व्यवस्था पर सवाल

छात्रों ने छात्रावास में पीने के पानी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पानी की टंकियों में गंदगी और काई जमा है। कई छात्रावासों में वाटर कूलर और आरओ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी बनी रहती है और इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
खाने की गुणवत्ता से भी नाराजगी

छात्र-छात्राओं ने छात्रावास में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि दाल में पानी अधिक होता है और सब्जियों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। चाय में भी दूध की मात्रा कम होने का आरोप लगाया गया। छात्रों के मुताबिक खाने और सफाई की शिकायत करने पर समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें घर लौट जाने की बात कही जाती है।
वार्डन पर दबाव बनाने के आरोप
छात्राओं ने वार्डन पर शिकायत करने वाले विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समस्याएं उठाने पर उन्हें छात्रावास से निकालने की धमकी दी जाती है। छात्राओं ने दावा किया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दे चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। छात्राओं ने तबीयत खराब होने पर समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की शिकायत भी की और छात्रावासों में नियमित मेडिकल कैंप लगाने की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता

प्रोफेसर कॉलोनी स्थित बालिका छात्रावास की छात्राओं ने सुरक्षा और निजता को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कुछ पुरुष कर्मचारी बिना पर्याप्त सूचना दिए कमरों में प्रवेश कर जाते हैं। छात्राओं ने ऐसे लोगों पर नियंत्रण और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
तीन साल से शिकायत का दावा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रावासों की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। कई बार संबंधित विभाग को आवेदन दिए गए, लेकिन छात्रों को बजट का अभाव बताकर मामले को टाल दिया जाता है। छात्रों का सवाल है कि यदि छात्रावासों के लिए बजट उपलब्ध है तो मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं। कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन से छात्रावासों का तत्काल निरीक्षण कराने, साफ पानी, नियमित सफाई, बेहतर भोजन, पर्याप्त बेड और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।
छात्रों ने स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से भी छात्रावासों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति देखने और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और छात्रावास प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
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