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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन के इस्तीफे की मांग, वकीलों का प्रदर्शन
नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ वकीलों ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने चेयरमैन के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि करीब 14 साल के कार्यकाल के बावजूद कानूनी शिक्षा, युवा वकीलों के कल्याण, एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट और बार काउंसिल की कार्यप्रणाली से जुड़े कई अहम मुद्दों का समाधान नहीं हुआ।
बीसीआई कार्यालय पर प्रदर्शन, बैरिकेडिंग का आरोप
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने आरोप लगाया कि उन्हें बीसीआई कार्यालय में प्रवेश से रोका गया। कार्यालय के गेट पर बैरिकेडिंग और ताले लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ वकीलों को अंदर ही सीमित कर दिया गया, जबकि अन्य अधिवक्ताओं को कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। वकीलों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे थे। बीसीआई के सदस्यों ने उनका ज्ञापन स्वीकार किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उस पर जवाब देने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी गई।
नालसा छात्रों के नामांकन पर रोक का मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने नालसर यूनिवर्सिटी के छात्रों के नामांकन को लेकर बीसीआई की ओर से जारी कथित निर्देश पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बीसीआई के लेटरहेड का इस्तेमाल ऐसे फैसले के लिए किया गया, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा। वकीलों ने कहा कि छात्रों के पूरे बैच के नामांकन को प्रभावित करने वाले फैसलों में पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया जरूरी है।
कानूनी शिक्षा और युवा वकीलों को लेकर सवाल
प्रदर्शन में कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रमुख मुद्दा रही। वकीलों ने कहा कि कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा अधिवक्ताओं को पेशे में कई व्यावहारिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बीसीआई से कानून के पाठ्यक्रम में सुधार, व्यावहारिक प्रशिक्षण और युवा वकीलों के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कथित फर्जी कानून की डिग्रियों के मामलों पर भी बीसीआई की जवाबदेही तय करने की मांग की।
एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट और जवाबदेही की मांग
वकीलों ने एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पेशेवर स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने बीसीआई की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और राजनीतिक प्रभाव से दूरी बनाए रखने की भी मांग की। उनका कहना है कि संस्था का प्राथमिक उद्देश्य अधिवक्ताओं और कानूनी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर काम करना होना चाहिए।
मुख्य मांग चेयरमैन का इस्तीफा
प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की है। इसके साथ ही उन्होंने विवादित फैसलों पर जवाबदेही, कानूनी शिक्षा में सुधार, अधिवक्ताओं की सुरक्षा और युवा वकीलों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि बार काउंसिल की कार्यप्रणाली में सुधार और अधिवक्ताओं के अधिकारों के लिए है। उन्होंने संकेत दिया कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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