Connect with us

देश

किराया बढ़ाने और अवैध बाइक टैक्सी पर रोक की मांग, टैक्सी चालकों की हड़ताल

Published

on

भोपाल। टैक्सी चालकों ने किराया बढ़ाने, कंपनियों की कमीशन व्यवस्था में बदलाव और निजी वाहनों से संचालित बाइक टैक्सी पर रोक लगाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार रात 12 बजे से शुरू हुई हड़ताल के कारण भोपाल एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी समेत कई स्थानों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गाड़ी चलाना मुश्किल, बढ़ती लागत का हवाला

टैक्सी चालकों का कहना है कि कंपनियों की ओर से उन्हें कई बार महज 8 से 10 रुपये प्रति किलोमीटर के आसपास भुगतान मिलता है। दूसरी ओर सीएनजी, पेट्रोल-डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, परमिट और फिटनेस का खर्च लगातार बढ़ रहा है। चालकों का कहना है कि मौजूदा दरों में वाहन की ईएमआई और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। यूनियन ने बेस फेयर बढ़ाकर सरकारी दर लागू करने की मांग की है। चालकों के मुताबिक कई बार लंबी दूरी तक पिकअप के लिए जाना पड़ता है, लेकिन उसके अनुपात में भुगतान नहीं मिलता।

बाइक टैक्सी को लेकर भी विरोध

टैक्सी चालकों ने निजी और गैर-कमर्शियल वाहनों के जरिए संचालित बाइक टैक्सी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कमर्शियल टैक्सी संचालक परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य शुल्क देकर वाहन चलाते हैं, जबकि निजी वाहनों से यात्रियों को ढोने पर नियमों का पालन नहीं होता। चालकों का कहना है कि यदि बाइक टैक्सी सेवाएं संचालित करनी हैं तो उन्हें भी कमर्शियल नियमों के दायरे में लाया जाए। उनका तर्क है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और सरकार के राजस्व, दोनों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बन सकेगी।

दो साल से शिकायत, आंदोलन की चेतावनी

टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से आरटीओ और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखते आए हैं। ज्ञापन और बैठकों के बावजूद समाधान नहीं होने पर अब आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे परिवहन मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेंगे। उनका कहना है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक बढ़ाया जाएगा। उनके मुताबिक भोपाल के अलावा इंदौर समेत अन्य शहरों में भी इसकी शुरुआत हो रही है।

यात्रियों से मांगी माफी, रोजी-रोटी की लड़ाई

हड़ताल से यात्रियों को हो रही परेशानी को लेकर टैक्सी चालकों ने उनसे माफी भी मांगी। चालकों का कहना है कि वे यात्रियों की परेशानी समझते हैं, लेकिन उनकी लड़ाई रोजी-रोटी और अपने अधिकारों के लिए है। उन्होंने सरकार से किराए की समीक्षा और टैक्सी संचालन से जुड़े नियमों को सभी वाहनों पर समान रूप से लागू करने की मांग की है।

हड़ताल के बीच भोपाल में बस और ऑटो जैसी अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं चलती रहीं। टैक्सी सेवाएं बंद होने से कुछ मार्गों पर यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

Continue Reading
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Advertisement

Trending

Copyright © 2025 Batangarh. Designed by ❤️ TrafficRaid.com