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ब्लैकबोर्ड से डिजिटल दुनिया तक, अलख पांडे की Physics Wallah बनने की कहानी

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कभी प्रयागराज और आसपास के कोचिंग संस्थानों में फिजिक्स पढ़ाने वाले अलख पांडेय आज भारत के चर्चित एडटेक उद्यमियों में शामिल हैं। उनकी कहानी सिर्फ एक कंपनी के सफल होने की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे शिक्षक के सफर की कहानी है, जिसने पढ़ाने के पारंपरिक तरीके से शुरुआत की और डिजिटल शिक्षा को बड़े स्तर तक पहुंचाया।

इंजीनियरिंग छोड़ी, पढ़ाने को बनाया करियर

अलख पांडेय का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ। उन्होंने कानपुर के हरकोर्ट बटलर टेक्निकल इंस्टीट्यूट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की, लेकिन डिग्री पूरी नहीं की। इसके बाद उन्होंने शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया। कोचिंग संस्थानों में Physics पढ़ाते हुए उनकी पहचान कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाने वाले शिक्षक के रूप में बनने लगी।

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2014 में यूट्यूब से नई शुरुआत

अलख पांडेय ने 2014 में यूट्यूब पर पढ़ाना शुरू किया। शुरुआत फिजिक्स के वीडियो से हुई, लेकिन जल्द ही उनका पढ़ाने का सहज अंदाज विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय हो गया। वह जटिल कॉन्सेप्ट को हिंदी और रोजमर्रा के उदाहरणों के जरिए समझाते थे। धीरे-धीरे उनका यूट्यूब चैनल फिजिक्स वल्लाह एक बड़े शिक्षा ब्रांड में बदलने लगा।

2020 में फिजिक्स वल्लाह बना कंपनी

यूट्यूब पर बढ़ती लोकप्रियता के बाद अलख पांडेय ने प्रतीक माहेश्वरी के साथ मिलकर 2020 में फिजिक्स वल्लाह को कंपनी के रूप में स्थापित किया और इसका ऐप लॉन्च किया। कंपनी का फोकस JEE, NEET और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अपेक्षाकृत कम कीमत में अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना रहा।

यूनिकॉर्न से बड़े शिक्षा प्लेटफॉर्म तक

सस्ती और डिजिटल शिक्षा के मॉडल ने PW को तेजी से आगे बढ़ाया। 2021 में फिजिक्स वल्लाह यूनिकॉर्न कंपनी बनी। इसके बाद कंपनी ने ऑनलाइन शिक्षा के साथ ऑफलाइन विद्यापीठ केंद्रों का विस्तार किया और स्कूल शिक्षा तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया।

शिक्षक की पहचान बनी सबसे बड़ी ताकत

अलख पांडेय की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनकी शिक्षक वाली पहचान रही। तकनीक और बिजनेस मॉडल के बावजूद विद्यार्थियों से सीधा जुड़ाव उनके ब्रांड की बड़ी ताकत बना रहा। उनकी यात्रा दिखाती है कि एक शिक्षक की लोकप्रियता भी बड़े शिक्षा संस्थान की नींव बन सकती है।

ब्लैकबोर्ड से बोर्डरूम तक

अलख पांडेय का सफर एक शिक्षक से यूट्यूब एजुकेटर और फिर एडटेक उद्यमी बनने की कहानी है। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी नहीं की, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। आज फिजिक्स वल्लाह उनके उसी विचार का विस्तार है, जिसकी शुरुआत एक साधारण कक्षा से हुई थी, कम कीमत में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाना।

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