देश
10 महीने बाद भी नहीं मिली जॉइनिंग, चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का डीपीआई कार्यालय पर प्रदर्शन
भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय के बाहर सोमवार को वर्ग-2 एवं वर्ग-3 के चयनित संगीत और नृत्य शिक्षक अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित जॉइनिंग को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और दस्तावेज सत्यापन के कई महीने बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई है, जबकि अन्य विषयों के चयनित अभ्यर्थियों की चॉइस फिलिंग और जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि पिछले एक वर्ष से वे लगातार भोपाल आकर अपनी मांग उठा रहे हैं। कई बार मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया गया, धरना-प्रदर्शन हुए और गिरफ्तारियां भी हुईं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

20 दिन पहले मिला था आश्वासन, अब तक नहीं आया कोई नोटिफिकेशन
गुना से आए चयनित अभ्यर्थी योगेश बाला ने बताया कि 11 तारीख को अधिकारियों ने 10 दिन के भीतर सूची जारी करने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सूचना जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बार-बार केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि टीआरसी पोर्टल पर भी कोई अपडेट उपलब्ध नहीं है।
योगेश ने बताया कि वे पहले निजी विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में कार्यरत थे, लेकिन सरकारी नियुक्ति की उम्मीद में नौकरी छोड़नी पड़ी। अब स्थिति यह है कि न तो पुरानी नौकरी बची है और न ही नई नियुक्ति मिली है।
दस बार भोपाल आ चुके हैं, अब बिना तारीख लिए नहीं जाएंगे
कटनी से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि वे कई बार भोपाल आ चुके हैं और हर बार एक सप्ताह या दस दिन का समय देकर वापस भेज दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि इस बार भी स्पष्ट तारीख नहीं दी गई तो वे आंदोलन जारी रखेंगे।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि संगीत और नृत्य विषय के चयनित उम्मीदवारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि सभी विषयों की परीक्षा एक साथ हुई थी, लेकिन अन्य विषयों के अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में आगे बढ़ा दिया गया, जबकि संगीत और नृत्य शिक्षकों को अब तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।

नियमों के उल्लंघन का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि भर्ती नियमों के अनुसार परीक्षा परिणाम जारी होने के तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जानी चाहिए। लेकिन परिणाम घोषित हुए लगभग दस महीने बीत चुके हैं और अभी तक पात्र-अपात्र सूची तक जारी नहीं की गई है।
अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि 1,144 पदों और लगभग 500-600 अभ्यर्थियों के सत्यापन में आखिर इतना समय क्यों लग रहा है।
नौकरी छोड़ी, आय का स्रोत भी बंद
कई अभ्यर्थियों ने बताया कि चयन होने के बाद निजी विद्यालयों ने उन्हें नौकरी से अलग कर दिया। सरकारी नियुक्ति की प्रतीक्षा में उन्होंने अन्य अवसर भी छोड़ दिए। ऐसे में पिछले कई महीनों से उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बचा है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
महिला अभ्यर्थियों ने भी जताई नाराजगी
जबलपुर से आई नृत्य शिक्षक अभ्यर्थी प्रीति मालवी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। परीक्षा, परिणाम और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हर 10-15 दिन में भोपाल बुलाकर केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है।
आश्वासन नहीं, लिखित शेड्यूल चाहिए
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा कि अब उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति प्रक्रिया का लिखित शेड्यूल चाहिए। उनका कहना है कि जब अन्य विषयों के अभ्यर्थियों की सूची और चॉइस फिलिंग एक ही दिन में जारी की जा सकती है, तो उनके मामले में देरी का कोई औचित्य नहीं है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पात्र-अपात्र सूची और चॉइस फिलिंग की तारीख घोषित नहीं की गई, तो उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
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