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सोनभद्र रेलवे स्टेशन के पास जर्जर नाला बना मुसीबत, बरसात से पहले निर्माण की मांग तेज
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र रेलवे स्टेशन और रेलवे फाटक के समीप स्थित नाले की जर्जर स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने और नियमित सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इससे बरसात के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।
रेलवे स्टेशन और रेलवे फाटक को जोड़ने वाला यह मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है। ट्रेन गुजरने के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी व्यस्त सड़क के किनारे नाले की बदहाल स्थिति दुर्घटना को न्योता दे रही है।
अधूरा निर्माण बना समस्या की जड़
स्थानीय लोगों के अनुसार नाले का निर्माण एक निश्चित दूरी तक कराया गया, लेकिन आगे का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया। पुराने पत्थर की पुलिया के क्षतिग्रस्त होने और एक पेड़ गिर जाने के कारण नाले में कचरा जमा होने लगा है। इससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है और नाले में गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बरसात के दौरान नाला भर जाता है और आसपास की सड़क तथा खाली प्लॉटों में पानी जमा हो जाता है। कई बार जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई और मरम्मत नहीं हुई तो इस वर्ष भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

धंस सकती है सड़क, हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले के ऊपर से लगातार भारी वाहनों का आवागमन होता है। नाले के किनारे सड़क पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी है और नीचे से पाइपलाइन भी गुजर रही है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो सड़क धंस सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। नाले में कचरा जमा होने के कारण लगातार दुर्गंध फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की नियमित सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। नाले में गैस बनने और बुलबुले निकलने की स्थिति भी लोगों के लिए चिंता का विषय है।

स्थानीय लोगों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले नाले का निर्माण पूरा कराया जाए, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जाए तथा नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर बरसात में जलभराव, यातायात बाधित होने और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत
स्थानीय लोगों का मानना है कि रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले नाले का निर्माण पूरा कराकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि नागरिकों को जलभराव और संभावित हादसों से राहत मिल सके।
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