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नाले पर बिजली के खंभों का सहारा, तुगलकाबाद के इंदिरा कैंप में जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर लोग

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित इंदिरा कैंप में बुनियादी सुविधाओं की कमी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। यहां एक बदबूदार खुले नाले को पार करने के लिए लोगों को बिजली के खंभों का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से यह स्थिति बनी हुई है और अब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। नाले के ऊपर रखे गए बिजली के खंभों से होकर रोजाना बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और कामकाजी लोग गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह रास्ता उनके लिए सबसे नजदीकी मार्ग है, इसलिए जोखिम होने के बावजूद वे इसका इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।

खतरनाक रास्ता बना रोजमर्रा की मजबूरी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले को पार करने के लिए कोई सुरक्षित पुल नहीं है। ऐसे में लोगों को संतुलन बनाकर खंभों के ऊपर से गुजरना पड़ता है। बरसात या फिसलन की स्थिति में हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। निवासियों के मुताबिक पहले नाले पर केवल एक खंभा रखा गया था, जबकि अब दो खंभों के सहारे लोग आवागमन कर रहे हैं। हालांकि स्थानीय लोग इसे समाधान नहीं, बल्कि मजबूरी का प्रतीक मानते हैं।

कई हादसों का दावा, लोगों में डर

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस रास्ते से गुजरते समय कई लोग नाले में गिर चुके हैं। कुछ लोगों के हाथ-पैर टूटने और गंभीर चोट लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि बारिश के दौरान फिसलकर गिरने से उसका हाथ टूट गया था। वहीं कई महिलाओं और बच्चों ने भी नाले में गिरने की घटनाओं का जिक्र किया। क्षेत्र के लोगों का दावा है कि नाले में गिरने और गंदे पानी के संपर्क में आने के बाद एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो गया था, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ा खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। स्कूल जाने वाले बच्चे रोज इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। वहीं बुजुर्गों को सब्जी और घरेलू सामान लेकर खंभों के ऊपर से गुजरना पड़ता है। कई बुजुर्गों ने बताया कि लंबा और सुरक्षित रास्ता मौजूद है, लेकिन वह काफी दूर पड़ता है। ऐसे में अधिकांश लोग समय और दूरी बचाने के लिए इसी जोखिम भरे मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

सफाई और जलनिकासी की भी गंभीर समस्या

निवासियों ने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि खुले नाले से लगातार बदबू आती रहती है और आसपास गंदगी फैली रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई महीनों से खराब पड़ी सुविधाओं की मरम्मत नहीं की गई है।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने समस्या उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लोगों की मांग है कि नाले पर स्थायी पुल का निर्माण किया जाए और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।

लोगों की प्रमुख मांगें

  • नाले पर सुरक्षित और स्थायी पुल का निर्माण।
  • खुले नाले की नियमित सफाई और ढंकने की व्यवस्था।
  • क्षेत्र में बेहतर जलनिकासी और स्वच्छता सुविधाएं।
  • सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और रखरखाव।
  • बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजधानी में रहने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका सवाल है कि आखिर कब तक लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस नाले को पार करने के लिए मजबूर रहेंगे।

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