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नोएडा में जर्जर पुल बना हादसों का इंतजार: सरिया बाहर, पिलरों में दरारें, रोज़ जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के एक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित वर्षों पुराना पुल अब स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पुल की छत और पिलरों से कंक्रीट उखड़ चुकी है, लोहे की सरिया बाहर निकल आई है और कई स्थानों पर गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल कभी भी भरभराकर गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्कूल से लौट रहे बच्चे के सिर पर गिरा था मलबा
स्थानीय निवासी जब्बार ने बताया कि करीब पांच-सात दिन पहले पुल से सीमेंट का एक टुकड़ा टूटकर स्कूल से लौट रहे एक बच्चे के सिर पर गिर गया था। उन्होंने बताया कि यह पुल आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है और बच्चे भी प्रतिदिन इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क पर जलभराव और लंबा चक्कर होने के कारण लोग मजबूरी में इसी जर्जर पुल का इस्तेमाल करते हैं।
पुल की हालत बेहद खराब, बाहर दिख रही सरिया
मौके पर पुल के कई हिस्सों में कंक्रीट पूरी तरह उखड़ी हुई दिखाई दी। जगह-जगह लोहे की सरिया खुली नजर आ रही है। सहायक पिलरों और पुल की दीवारों में भी दरारें साफ दिखाई देती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के नीचे लगातार मलबा गिरता रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
दर्जनों गांवों की लाइफलाइन बना यह पुल
ग्रामीणों के अनुसार यह पुल दोनों ओर बसे कई गांवों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर और अन्य लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। बरसात के मौसम में वैकल्पिक सड़क पर पानी भर जाने से लोगों के सामने इस जर्जर पुल का इस्तेमाल करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि समस्या उठाने वालों पर दबाव बनाया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
एम्बुलेंस और राहगीरों की जान भी खतरे में
रिपोर्टिंग के दौरान पुल के पास से एम्बुलेंस गुजरती दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुल का कोई हिस्सा अचानक टूटकर गिर जाए तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उनका कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद मिलने वाला मुआवजा किसी की जान वापस नहीं ला सकता।
मरम्मत नहीं, नया पुल बनाया जाए
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल अपनी आयु पूरी कर चुका है और अब इसकी मरम्मत व्यावहारिक समाधान नहीं है। उनका कहना है कि पुल को तकनीकी जांच के बाद हटाकर उसकी जगह नया और सुरक्षित पुल बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने गौतमबुद्ध नगर प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह जर्जर पुल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

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