बिजनेस
जुलाई में खुदरा महंगाई 1.55% पर, जून 2017 के बाद सबसे निचला स्तर
जुलाई 2025 में खुदरा महंगाई (CPI) घटकर 1.55% पर आ गई है, जो जून 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी और ईंधन की दरों में स्थिरता है।
यह महंगाई दर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4% के लक्ष्य से काफी नीचे है। कम महंगाई का सीधा फायदा उपभोक्ताओं की क्रयशक्ति में सुधार के रूप में दिख सकता है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर महंगाई लंबे समय तक इतनी कम रहती है तो यह डिमांड-साइड पर चुनौतियां भी पैदा कर सकती है।
RBI का महंगाई अनुमान घटा
4 से 6 अगस्त को हुई RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया गया। वहीं, अप्रैल-जून तिमाही के लिए अनुमान 3.4% से घटाकर 2.1% कर दिया गया है।
कम महंगाई दर के इस दौर में सरकार और नीति निर्माता दोनों के सामने चुनौती होगी कि कैसे आर्थिक विकास की गति को बनाए रखते हुए डिमांड को स्थिर रखा जाए।
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