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चार साल से रिजल्ट का इंतजार, उम्र बढ़ी लेकिन नौकरी नहीं मिली
लखनऊ। सरकारी नौकरी की तैयारी में सालों लगा चुके अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्यालय के बाहर 5512 कनिष्ठ सहायक भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर जल्द अंतिम परिणाम जारी करने की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए करीब चार साल से ज्यादा हो चुके हैं। दस्तावेज सत्यापन भी पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक अंतिम परिणाम और नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है। कई उम्मीदवार 2013 से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों में देरी के कारण अब तक नौकरी नहीं मिल सकी।

20 साल में शुरू की तैयारी, 28 तक इंतजार
एक अभ्यर्थी ने कहा कि आयोग की भर्ती प्रक्रिया इतनी लंबी हो जाती है कि 20 साल की उम्र में तैयारी शुरू करने वाला युवा 28 साल तक सिर्फ एक-दो परीक्षाओं के नतीजों का इंतजार करता रह जाता है।
अभ्यर्थियों का सवाल है कि चयन हुआ या नहीं हुआ, कम से कम परिणाम तो जारी हो, ताकि वे आगे की पढ़ाई या दूसरी परीक्षा की तैयारी कर सकें।
दस्तावेज सत्यापन पूरा, अब रिजल्ट का इंतजार
अभ्यर्थियों के मुताबिक भर्ती के कई चरण पूरे हो चुके हैं और दस्तावेज सत्यापन भी करीब 50 दिन पहले पूरा हो गया था। अब सिर्फ अंतिम परिणाम और नियुक्ति पत्र का इंतजार है।
उनका कहना है कि परिणाम न आने से उन्हें यह भी पता नहीं चल रहा कि आगे क्या करना है। इस अनिश्चितता के कारण उनकी दूसरी परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।

5 सितंबर तक परिणाम का आश्वासन
अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के अनुसार, आयोग के अधिकारियों से बातचीत में उन्हें अधिकतम 5 सितंबर तक परिणाम जारी करने का आश्वासन मिला है। लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पहले भी उन्हें अलग-अलग समयसीमा बताई जा चुकी है। अब वे आश्वासन नहीं, परिणाम चाहते हैं।
2013 से तैयारी, आज तक नौकरी नहीं
प्रदर्शन में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि वे 10 से 12 साल से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षाओं के रद्द होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी और मामूली अंतर से चयन से बाहर होने के कारण उनका समय लगातार निकलता गया।
एक अभ्यर्थी ने बताया कि वह 2013 से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी सरकारी पद पर नियुक्ति नहीं मिली। लंबे समय तक तैयारी के कारण आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। कई युवा प्रयागराज जैसे शहरों में किराया, भोजन और पढ़ाई का खर्च उठाकर तैयारी कर रहे हैं।
रिजल्ट आए, ताकि आगे बढ़ सकें
27 वर्षीय एक अभ्यर्थी ने कहा कि अगर चयन हुआ है तो नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़े और अगर चयन नहीं हुआ तो परिणाम जारी किया जाए, ताकि वे किसी दूसरी परीक्षा या करियर की तैयारी शुरू कर सकें।
अभ्यर्थियों का कहना है कि रिजल्ट के इंतजार में उनका समय और मानसिक ऊर्जा दोनों खत्म हो रहे हैं।
अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में परिणाम जारी नहीं हुआ तो वे दोबारा लखनऊ पहुंचकर आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ने पर अगला प्रदर्शन अनिश्चितकालीन हो सकता है।
सालों की तैयारी, बढ़ती उम्र और लंबित भर्ती प्रक्रिया के बीच युवाओं का सवाल सीधा है, अगर चयन नहीं हुआ तो हम आगे बढ़ जाएंगे, लेकिन अगर परिणाम ही नहीं आएगा तो आगे की राह कैसे चुनेंगे?
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