Blog
इंदिरापुरम की बदहाल तस्वीर: एक साल से सीवर के पानी में जीने को मजबूर लोग, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
गाजियाबाद। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच इंदिरापुरम क्षेत्र की कई कॉलोनियों की तस्वीर बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले लगभग एक वर्ष से क्षेत्र में टूटी नालियां, जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन तमाम शिकायतों के बावजूद न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई स्थायी समाधान निकाला है।
एक साल से बदतर हालात, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
स्थानीय निवासियों के अनुसार कॉलोनी की मुख्य सड़क के किनारे बना नाला लंबे समय से टूटा हुआ है, जिससे लगातार सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। सड़क के बीचों-बीच गंदा पानी जमा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि नाले के कई हिस्से खुले पड़े हैं और बच्चे अक्सर इनके पास से गुजरते हैं। एक निवासी ने बताया कि यदि किसी जनप्रतिनिधि के घर के सामने ऐसी स्थिति होती तो संभवतः इसे तुरंत ठीक करा दिया जाता, लेकिन आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
गंदा और पीला पानी पहुंच रहा घरों तक
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि न केवल सड़कों पर सीवर का पानी भरा रहता है, बल्कि घरों में आने वाला पानी भी दूषित और पीले रंग का है। लोगों का कहना है कि कई बार पानी से बदबू आती है, जिसके कारण उन्हें पीने और घरेलू उपयोग के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ता है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि कई दिनों तक जलापूर्ति नहीं होती और जब पानी आता है तो उसकी गुणवत्ता बेहद खराब होती है।
ऑनलाइन शिकायतें हुईं बंद, जमीनी स्तर पर नहीं हुआ काम
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने के कुछ घंटों बाद ही उन्हें निस्तारित दिखा दिया जाता है, जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि शिकायत पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की तस्वीरें और रिपोर्ट दिखाई जाती हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
10 महीने से प्रभावित व्यापार, दुकानदारों को भारी नुकसान
क्षेत्र के दुकानदारों ने बताया कि लगातार जलभराव और खुदाई के कारण कई दुकानों का कारोबार लगभग ठप हो चुका है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि पिछले 10 महीनों से उनकी दुकानें प्रभावित हैं और वे केवल किराया भरने को मजबूर हैं। व्यापारियों के अनुसार सड़क और नाली निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ग्राहकों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया है।
मच्छरों और बीमारियों का बढ़ा खतरा
सड़कों पर जमा सीवर के पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी और बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों पर लगाए उपेक्षा के आरोप
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि नियमित रूप से क्षेत्र में आते हैं और समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। लोगों का कहना है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
स्थानीय लोगों की मांग
निवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि क्षेत्र में सीवर व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, टूटी नालियों की मरम्मत की जाए, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में किसी बड़े हादसे या स्वास्थ्य संकट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल इंदिरापुरम की यह तस्वीर स्मार्ट सिटी के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
-
देश10 months agoसत्ता, पैसा और अंधविश्वास – बाबा इंडस्ट्री की असली कहानी
-
देश10 months agoन्याय के लिए डंडा खाती मां! 🚨 ममता सरकार पर सवाल | Kolkata Case
-
Blog10 months agoBageshwar Baba Exposed? 😱 Miracle ✨ या Illusion 🎭
-
एजुकेशन10 months agoखमरिया गांव की शिक्षा पर संकट: ताले में बंद प्राथमिक शाला और मधुशाला बनी माध्यमिक शाला

You must be logged in to post a comment Login