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वाराणसी में कांग्रेस का हल्ला बोल, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, ‘बेटी को इंसाफ’ देने की मांग
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक दलित छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और बर्बरता को लेकर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। महोबा की बेटी को न्याय दिलाने और विपक्ष के नेताओं के दमन के खिलाफ सोमवार को वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आक्रोशित कार्यकर्ताओं और महिला नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर “बदल दो ताज बदल दो, बेईमानों का राज बदल दो” और “जो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है” जैसे नारों से गूंज उठा।
16 दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप और बर्बरता का आरोप
प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि महोबा में नीट की तैयारी कर रही एक दलित बिटिया को अगवा कर 16 दिनों तक बंधक बनाए रखा गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बर्बरता की हदें पार करते हुए पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया गया और उसे सिगरेट से दागा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोष जताते हुए कहा कि यह घटना पूरे देश की आधी आबादी का अपमान है। सरकार अखबारों और विज्ञापनों में महिलाओं के बेखौफ घूमने के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि प्रदेश में बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
मामला दबाना चाहती थी पुलिस, अजय राय के जाने पर हुआ खुलासा
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और स्थानीय नेताओं ने प्रशासनिक रवैए पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को पूरी तरह दबाने की कोशिश की जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया में इस घटना को आने नहीं दिया गया। जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने महोबा पहुंचे, तब जाकर देश को इस भयावह कांड का पता चला।
शर्म की बात यह है कि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जा रहे हमारे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जी को जगह-जगह पुलिसिया बल का इस्तेमाल कर रोका गया। यही नहीं, प्रशासन की शह पर जिला मुख्यालय पर देश के मुख्य विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी जी का पुतला फूंका गया, जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
सत्ता पक्ष की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने स्थानीय भाजपा विधायकों और जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कल बनारस में सत्ता पक्ष के विधायक और मेयर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि अजय राय ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। लेकिन बेहद शर्मनाक है कि किसी भी सत्ताधारी नेता, मंत्री या विधायक ने आज तक उस पीड़ित दलित बेटी को न्याय दिलाने के लिए एक शब्द नहीं बोला। इन्हें सिर्फ अपनी कुर्सी प्यारी है,
किसी की बेटी की चीखें और सुरक्षा से इनका कोई सरोकार नहीं है।
कांग्रेस की मुख्य मांगें:
महोबा कांड के सभी दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा और उचित आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को रोकने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हो और राजनीतिक द्वेष में दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
वाराणसी कलेक्ट्रेट पर हुए इस रौद्र प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि महोबा की घटना को लेकर विपक्ष अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़िता को जल्द से जल्द पूर्ण न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन केवल बनारस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सड़कों पर उग्र रूप धारण करेगा।
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