Connect with us

Blog

पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का फूटा गुस्सा, काकादेव में निकाला पैदल मार्च

Published

on

WhatsApp Image 2026 06 04 at 12.39.28 PM

कानपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों और युवाओं का आक्रोश बुधवार को कानपुर के काकादेव क्षेत्र में सड़कों पर दिखाई दिया। छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि वर्षों की मेहनत और आर्थिक कठिनाइयों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पेपर लीक सिर्फ परीक्षा नहीं, छात्रों के सपनों पर हमला

प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि पिछले कई वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण परीक्षाएं विवादों और पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं। उन्होंने मांग की कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसियों का पुनर्गठन किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहिए।

वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण और गरीब परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी आर्थिक बोझ उठाते हैं। कई परिवार खेती, पशुपालन और अन्य संसाधनों से प्राप्त आय के सहारे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर भेजते हैं। ऐसे में पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के सपनों पर चोट करती हैं और उन्हें निराशा की ओर धकेलती हैं।

प्रदर्शन में शामिल छात्र सुधाकर ने कहा कि युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द हो जाती है या पेपर लीक की खबर सामने आती है तो उनका मनोबल टूट जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालती हैं।

वन नेशन, वन एजुकेशन’ और मुफ्त शिक्षा की उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ और सभी के लिए मुफ्त एवं समान शिक्षा की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने शिक्षा बजट बढ़ाने, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को मजबूत करने तथा शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

Continue Reading
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Advertisement

Trending

Copyright © 2025 Batangarh. Designed by ❤️ TrafficRaid.com