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गर्मी में ही जलजमाव से त्रस्त, मानसून से पहले बढ़ी लोगों की चिंता
जहानाबाद। शहर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित शांति नगर मोहल्ले में जलजमाव की समस्या ने स्थानीय निवासियों का जीवन मुश्किल बना दिया है। हालात ऐसे हैं कि भीषण गर्मी के मौसम में भी गली में नाले का गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और संबंधित अधिकारी शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं।
मोहल्ले के निवासी ललित शंकर बताते हैं कि पहले यह समस्या केवल बरसात के दिनों में देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार पिछले एक महीने से लगातार गली में पानी जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह के समय पूरी गली पानी से भर जाती है, जिससे लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार बाइक और स्कूटी सवार गिर चुके हैं, जबकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी खतरनाक बनी हुई है।
बारिश से पहले ही बिगड़े हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी मानसून पूरी तरह बिहार नहीं पहुंचा है, फिर भी हालात इतने खराब हैं। ऐसे में बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और भयावह होने की आशंका है। लोगों का कहना है कि यदि अभी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो पूरे मोहल्ले में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।

स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
मोहल्ले की एक महिला निवासी ने बताया कि इसी रास्ते से बच्चे स्कूल और कोचिंग के लिए आते-जाते हैं। गंदे पानी और फिसलन के कारण उनके गिरने का खतरा बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी कई बार निरीक्षण करने आए, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले का पानी कई दिनों तक जमा रहने से दुर्गंध फैल रही है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और मलेरिया, डेंगू तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। लोगों का कहना है कि रात में दुर्गंध के कारण घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। नालियों से निकाली गई गंदगी को भी कई बार वहीं छोड़ दिया जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
नगर परिषद पर फूटा लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के मुख्य मार्गों की सफाई तो दिखाई देती है, लेकिन मोहल्लों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है। उनका आरोप है कि सफाई और नाली रखरखाव के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन उसका लाभ जमीनी स्तर पर नजर नहीं आता।

खुले नाले से हादसे का खतरा
गली के बीचोंबीच बने खुले और गहरे नाले को लेकर भी लोगों में भय है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि किसी वाहन का पहिया नाले में फंस जाए या कोई बच्चा गलती से उसमें गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद सुरक्षा और मरम्मत को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है।
मोहल्लेवासियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने, नालियों की नियमित सफाई कराने तथा जलजमाव की स्थायी समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाएगी तथा किसी बड़े हादसे या बीमारी के फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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