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वाराणसी में ‘सीवर वाला पानी’ पीने को मजबूर लोग: बकरीद से पहले मुस्लिम बहुल इलाकों में जल संकट गहराया
वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कासिमबाड़ा और रमाकांत नगर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से घरों में सीवर और नाली जैसा गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग पीने का पानी बाहर से भरने को मजबूर हैं, जबकि बकरीद जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले पानी की यह समस्या लोगों के लिए गंभीर परेशानी बन गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पाइपलाइन से आने वाले पानी में बदबू इतनी तेज है कि उससे न तो खाना बनाया जा सकता है और न ही घरेलू काम किए जा सकते हैं। कई परिवारों ने दावा किया कि गंदा पानी पीने के बाद बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ने लगे हैं। कुछ लोगों ने इंजेक्शन और इलाज तक कराने की बात कही।
पानी नहीं, सीवर बह रहा है
क्षेत्र की महिलाओं ने बताया कि पानी का रंग कई बार काला और बदबूदार होता है। उनका कहना है कि 10-15 मिनट तक हल्का साफ पानी आता है, उसके बाद फिर सीवर जैसा गंदा पानी बहने लगता है। लोगों ने आरोप लगाया कि पानी में इतनी दुर्गंध है कि बर्तन धोने और नहाने तक में परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या केवल एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से त्योहारों के दौरान ऐसी स्थिति बनती रही है। लोगों का आरोप है कि बकरीद और अन्य मुस्लिम त्योहारों के समय अक्सर पानी की समस्या बढ़ जाती है।

बकरीद से पहले बढ़ी चिंता
इलाके में बकरीद की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन साफ पानी की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई परिवारों को कुर्बानी और अन्य घरेलू कार्यों के लिए बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि उनके पालतू जानवर भी यही पानी पीकर बीमार पड़ गए हैं।
गली-मोहल्लों में बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी भरने जाती महिलाएं और बच्चे आम दृश्य बन चुके हैं। लोग आसपास के हैंडपंप, कुओं और दूसरी कॉलोनियों से पानी लाकर काम चला रहे हैं।

शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार जल निगम और पार्षद से शिकायत की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों के मुताबिक अधिकारियों की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया जाता है कि समस्या जल्द ठीक कर दी जाएगी।
क्षेत्रवासियों का अनुमान है कि कहीं सीवर लाइन फटने या पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है। हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य संकट की आशंका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, त्वचा रोग और पेट संबंधी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। भीषण गर्मी के बीच गंदे पानी की सप्लाई से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने योगी आदित्यनाथ सरकार और प्रशासन से मांग की है कि तत्काल क्षेत्र का निरीक्षण कर साफ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और खराब पाइपलाइन व सीवर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि त्योहार के समय लोगों को राहत मिल सके।
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