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खमरिया गांव की शिक्षा पर संकट: ताले में बंद प्राथमिक शाला और मधुशाला बनी माध्यमिक शाला

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कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील से 27 किलोमीटर दूर स्थित खमरिया गांव के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है।

ग्राम पंचायत सरपंच कमलेश मार्को ने बताया कि शुक्रवार को प्राथमिक शाला के शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे, जिससे लगभग 200 बच्चों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। यह लापरवाही अक्सर देखने को मिलती है, जिसकी शिकायत अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की है।

माध्यमिक शाला का हाल और भी चिंताजनक है। गांव में अवैध शराब की बिक्री के कारण शराबी स्कूल प्रांगण में बैठकर शराब पीते हैं, जिससे गंदगी और असुरक्षित माहौल बन रहा है। आज ही स्कूल स्टाफ ने इसकी लिखित शिकायत पंचायत में दी है। कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा जिले में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, लेकिन खमरिया में इसका असर नहीं दिख रहा।

अधूरी घोषणाएं और टूटा भरोसा
साल 2016 में शहडोल लोकसभा उपचुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खमरिया में हाई स्कूल खोलने की घोषणा की थी। नौ साल बीतने के बाद भी यह वादा अधूरा है। हाई स्कूल न होने के कारण बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कई बार धरना, प्रदर्शन और अनशन कर चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग से सिर्फ आश्वासन ही मिला।

चुनावों में मिला वादा, हकीकत में निराशा
विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था। तब भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र बहादुर सिंह के आश्वासन पर ग्रामीणों ने वोट डाला। चुनाव जीतने के बाद विधायक ने प्रयास किए, लेकिन शिक्षा विभाग की उदासीनता से समस्या जस की तस बनी हुई है।

वर्तमान में भाजपा सरकार के शिक्षा मंत्री कटनी जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। ग्राम पंचायत सरपंच ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की है, ताकि खमरिया गांव के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

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