Connect with us

खेल

10 साल की बोधना शिवनंदन ने 60 वर्षीय ग्रैंडमास्टर को हराकर रचा इतिहास

Published

on

WhatsApp Image 2025 08 12 at 10.39.32 PM

हैदराबाद की जड़ों से जुड़ी ब्रिटिश शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवनंदन ने ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप 2025 में ऐसा कारनामा किया है, जिसे इतिहास के सुनहरे पन्नों में लिखा जाएगा।
सिर्फ 10 साल, 5 महीने और 3 दिन की उम्र में उन्होंने 60 वर्षीय ग्रैंडमास्टर पीटर वेल्स को लिवरपूल में आयोजित चैंपियनशिप के आखिरी दौर में हराकर जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ बोधना ग्रैंडमास्टर को हराने वाली सबसे कम उम्र की महिला शतरंज खिलाड़ी बन गई हैं।

पहले यह रिकॉर्ड अमेरिकी खिलाड़ी कैरिसा यिप के नाम था, जिन्होंने 2019 में 10 साल, 11 महीने और 20 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

शतरंज की शुरुआत एक संयोग से
बोधना ने 5 साल की उम्र में लॉकडाउन के दौरान शतरंज खेलना शुरू किया। कहानी कुछ यूं है कि उनके पिता के एक दोस्त गैराज साफ करते समय शतरंज का सेट फेंकने वाले थे। लेकिन तमिलनाडु में जन्मे बोधना के पिता शिवा ने इसे फेंकने के बजाय घर ले आने का फैसला किया।
शतरंज के राजा और घोड़े जैसे मोहरों ने बोधना का ध्यान इस खेल की ओर खींचा। जल्द ही उन्होंने YouTube से खेल सीखना शुरू किया और ऑनलाइन अजनबियों के साथ मुकाबला करने लगीं।

आज बोधना न सिर्फ ब्रिटिश शतरंज की उभरती हुई सितारा हैं, बल्कि दुनिया भर के बच्चों के लिए प्रेरणा भी हैं—कि सही जुनून और लगन से उम्र सिर्फ एक संख्या है।

Continue Reading
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Advertisement

Trending

Copyright © 2025 Batangarh. Designed by ❤️ TrafficRaid.com