Blog
इंदिरा कैंप में बदहाल सफाई व्यवस्था पर फूटा लोगों का गुस्सा, बंद शौचालय और ओवरफ्लो सीवर से बढ़ीं मुश्किलें
नई दिल्ली। राजधानी के इंदिरा कैंप क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, सीवर ओवरफ्लो और सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने और सीवर के ओवरफ्लो होने से गलियों में गंदा पानी बह रहा है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अंतर्गत बनने वाला सार्वजनिक शौचालय कई महीनों से अधूरा पड़ा है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य बीच-बीच में शुरू होकर फिर बंद हो जाता है, जिससे महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें दूसरे शौचालयों का सहारा लेना पड़ता है या लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

नाले पार कर शौचालय पहुंचने की मजबूरी
क्षेत्रवासियों के अनुसार कई स्थानों पर शौचालय तक पहुंचने के लिए खुले और गंदे नाले पार करने पड़ते हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सीवर और नालों का गंदा पानी पास स्थित ताज मस्जिद परिसर और उससे जुड़े वाशरूम तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि दुर्गंध और गंदगी के कारण नमाज अदा करने में भी परेशानी होती है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से सीवर का पानी लगातार बह रहा है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
फैक्ट्री से निकलने वाले पानी पर भी सवाल
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आसपास स्थित एक डाई (रंगाई) फैक्ट्री से निकलने वाला पानी भी सीवर व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है, जिससे ओवरफ्लो की समस्या बढ़ रही है। हालांकि इस संबंध में संबंधित फैक्ट्री या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आवारा पशुओं की स्थिति पर भी चिंता
क्षेत्र में मौजूद आवारा गौवंश के कूड़े के ढेर से भोजन तलाशने की तस्वीरों पर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि क्षेत्र में साफ-सफाई और पशुओं के संरक्षण की व्यवस्था पर भी गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। क्षेत्रवासियों ने दिल्ली सरकार, नगर निगम तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि सीवर और नालों की तत्काल सफाई कराई जाए, अधूरे सार्वजनिक शौचालय का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि बरसात से पहले यदि स्थायी समाधान नहीं किया गया तो जलभराव, दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा और बढ़ जाएगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का पक्ष
समाचार लिखे जाने तक दिल्ली सरकार, संबंधित विभागों अथवा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

-
देश11 months agoसत्ता, पैसा और अंधविश्वास – बाबा इंडस्ट्री की असली कहानी
-
देश11 months agoन्याय के लिए डंडा खाती मां! 🚨 ममता सरकार पर सवाल | Kolkata Case
-
Blog11 months agoBageshwar Baba Exposed? 😱 Miracle ✨ या Illusion 🎭
-
एजुकेशन11 months agoखमरिया गांव की शिक्षा पर संकट: ताले में बंद प्राथमिक शाला और मधुशाला बनी माध्यमिक शाला

You must be logged in to post a comment Login