देश
डुमराव में कूड़ा प्रबंधन की हकीकत: कागजों में सफाई, जमीन पर गंदगी का अंबार
बक्सर। नगर पालिका के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर डुमराव में देखने को मिल रहा है। कूड़ा प्रबंधन के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन शहर के कई हिस्सों में कचरा बिखरा पड़ा है। खिरौली राजवाहा मार्ग स्थित डंपिंग यार्ड के अलावा नहर किनारे, सड़कों और खेतों के पास भी कचरा डाला जा रहा है।
संवेदनशील इलाकों के पास डंपिंग
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब यह कचरा सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों के पास ही फेंका जा रहा है। नगर पालिका, थाना, ब्लॉक कार्यालय, कृषि विद्यालय और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों से महज कुछ दूरी पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों की बढ़ती परेशानी

कचरे के कारण आसपास के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी नंदजी पासवान बताते हैं कि गंदगी और बदबू से बीमारी का खतरा बना रहता है। कई लोग बीमार भी पड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि हवा के साथ गंदगी पूरे इलाके में फैलती है, जिससे सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
रात में कचरा फेंकने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और एजेंसियां रात के समय कचरा लाकर गिरा देती हैं, ताकि कोई देख न सके। विरोध करने पर भी उनकी बात नहीं सुनी जाती। कुछ मामलों में विवाद और मारपीट तक की नौबत आ चुकी है।
कचरा प्रबंधन के लिए तय नियमों के अनुसार कचरे को निर्धारित स्थल पर प्रोसेस और रिसाइकिल किया जाना चाहिए। लेकिन यहां खुले में अवैध डंपिंग की जा रही है। कचरे में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे जहरीला धुआं फैलता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
वार्ड पार्षदों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड पार्षद केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर एजेंसियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे देते हैं। जमीनी स्तर पर न तो निगरानी हो रही है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
जिस स्थान पर कचरा डाला जा रहा है, वहां आसपास गेहूं की फसल लगी हुई है। इससे न केवल फसल प्रभावित हो रही है, बल्कि मिट्टी और जल स्रोतों के प्रदूषित होने का भी खतरा बढ़ रहा है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए, कचरे को हटाकर उचित स्थान पर निस्तारित किया जाए और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
डुमराव में कूड़ा प्रबंधन की स्थिति यह दर्शाती है कि कागजों में भले ही सफाई के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।

You must be logged in to post a comment Login