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फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज: 14 दिनों से धरने पर बैठे कर्मियों ने उठाए वेतन, पेंशन और स्थायी नौकरी के मुद्दे
फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज: 14 दिनों से धरने पर बैठे कर्मियों ने उठाए वेतन, पेंशन और स्थायी नौकरी के मुद्दे
हरियाणा | फरीदाबाद में नगर निगम मुख्यालय के बाहर सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि वे शहर को साफ और सुरक्षित रखने का सबसे कठिन काम करते हैं।

ठेका प्रथा और कम वेतन पर नाराजगी
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी नहीं किया गया। कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह केवल ₹14,000 से ₹15,000 तक वेतन मिलता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेका व्यवस्था में बिचौलियों को फायदा होता है, जबकि मजदूरों तक पूरी राशि नहीं पहुंचती।
महिलाओं ने सुनाई अपनी पीड़ा
प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से सफाई का काम कर रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी नौकरी, पेंशन और पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि उनका राशन कार्ड भी काट दिया गया है, जबकि वे परिवार की अकेली कमाने वाली सदस्य हैं।
‘रोटी और रोजगार मांग रहे हैं’
धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ रोजगार सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे “कोठी-बंगला नहीं, केवल रोटी और रोजगार” मांग रहे हैं।
अग्निशमन कर्मचारियों की मौत का मुद्दा भी गरमाया
धरने में शामिल यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि हाल ही में एक फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान अग्निशमन विभाग के कुछ कर्मचारी जान गंवा बैठे थे। मृत कर्मचारियों के परिवार अब मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि आर्थिक सहायता के नाम पर बहुत कम मदद मिली, जिससे परिवार का भविष्य असुरक्षित हो गया है।

पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की मांग
कई वरिष्ठ कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उन्हें पेंशन जैसी बुनियादी सुरक्षा नहीं मिल रही। कर्मचारियों का कहना है कि बुढ़ापे में जीवनयापन को लेकर उन्हें चिंता सता रही है।
यूनियन ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
नगर पालिका कर्मचारी यूनियन और अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत का आश्वासन तो देती है, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकल रहा।
यूनियन नेताओं का कहना है कि ठेका प्रथा भ्रष्टाचार और शोषण को बढ़ावा देती है तथा कर्मचारियों को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल पाता।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सवाल
कर्मचारियों ने बताया कि सीवर और नालों की सफाई के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलतीं। कई मामलों में कर्मचारी जहरीली गैसों और दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।
राजनीतिक और सामाजिक सवाल भी उठे
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और यूनियन नेताओं ने सरकार की श्रम नीतियों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहरों को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य, वेतन और सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
फरीदाबाद में चल रहा यह प्रदर्शन केवल वेतन वृद्धि का मुद्दा नहीं, बल्कि श्रमिकों की कार्यस्थितियों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। अब सभी की नजर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि कर्मचारियों की मांगों पर कब और कैसे समाधान निकाला जाता है।
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